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जनसंख्या शिक्षा का महत्व और परिभाषा

  जनसंख्या शिक्षा का महत्व


जनसंख्या शिक्षा का क्षेत्र अत्यंत व्यापक एवं विस्त्रित है , इसके अंतर्गत जनसंख्या की वृद्धि की गती, स्वरूप व्यक्ति,  परिवार,समाज, राष्ट्र वितरण एवं विश्व पर पङने वाले उनके प्रभावो का अध्ययन सम्मिलित हैं। जनसंख्या शिक्षा की समस्याये अत्यंत जटिल एवं उलझी हुई हैं।

जनसंख्या शिक्षा का महत्वमहत्व


ये समस्याये निम्न प्रकार की हैं-

1- जनसंख्या शिक्षा सम्बन्धी विषय-वस्तु की समस्या-


जनसंख्या शिक्षा की  विभिन्न शिक्षा स्तरो पर क्या विषय -वस्तु हो, यह अभी तक स्पष्ट नही हैं। सभी स्तरों पर जनसंख्या शिक्षा के सम्बन्धी साहित्य का अत्यंत अभाव हैं। इस अभाव के पपरिणामस्वरूप छात्रों को जनसंख्या की वृद्धि के वास्तविक आंकड़े और व्यक्ति ,समाज,राष्ट्रके जीवन पर इनके प्रयासो का पूर्ण ज्ञान नही हो पाता है। इस कारण ही विद्यालयी स्तर पर जनसंख्या शिक्षा का समुचित रूप से प्रसार नही हो पा रहा हैं।


2- जनसंख्या शिक्षा के लिए अध्यापको की समस्या-

  यदि जनसंख्या शिक्षा पृथक विषय के रूप में पढ़ाया जाय तो शिक्षकों की समस्या आएगी । यदि समेकित रूप में पप्रस्तावित की जाए तो शिक्षकों को अकल्पनीय दीर्घकालिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करके उन्हें पूर्णतः दक्ष करना होगा क्योकि जनसंख्या शिक्षा सम्बन्धी ज्ञान का अभाव भी इसकी प्रगति में अवरोध पैदा करते हैं। कारण अभी तक जनसंख्या शिक्षा पर ज्ञान प्रदान करने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकारों ,शिक्षा-विभागों एवं विश्वविद्यालयो द्वारा कोई सुसंगठित योजना संचालित नही की गयी हैं।


जनसंख्या शिक्षा की परिभाषा-

   जनसंख्या शिक्षा शब्द की विशद रूप से प्रचलन हो गया है मगर अभी तक जनसंख्या शिक्षा की न तो सामान्य रूप में स्वीकार कोई परिभाषा है, न ही अर्थ है। इसका सर्वप्रथम वर्णन यूनेस्को की ओर से बैंकाक में 1970 में आयोजित की जाने वाली "जनसंख्या शिक्षा संगोष्ठी" द्वारा इस प्रकार किया गया--


"जनसंख्या शिक्षा एक शैक्षिक कार्यक्रम हैं, जिसमे परिवार ,समाज,राष्ट्र एवं विश्व की जनसंख्या की स्थिति के प्रति विवेकपूर्ण, उरतदायित्वपूर्ण दृष्टिकोण एवं व्यहवार का विकास करना हैं"।


"Population education is an educational programme which provides for a study of population situation of the family, community,nation and world, which the purposes of developing in the students rational and responsibilities attitude and behavior toward that situation."- 


THE Asam Regional Workshop on Population and Family Life Education.


संछिप्त रूप में साधारण शब्दो में जनसंख्या -शिक्षा का अर्थ हैं-"जनसंख्या शिक्षा--जनसंख्या पर नियंत्रण की जाने वाली समस्या के रूप पर नही वरन उसकी व्यवस्था की जाने वाली सामाजिक एवं जैविकीय घटना के रूप पर विचार करती हैं।"


स्टेनगर के अनुसार-- "जनसंख्या शिक्षा जनसंख्या व पर्यावरण की शिक्षा हैं, क्योकि पर्यावरण को जनसंख्या से अलग नही किया जा सकता ।"


चाल्स के अनुसार --"जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम में छात्र की संस्कृति, उसके समाज की जनसंख्या की स्थिति, स्थिति के प्रति इनके अपने विचार , जनसंख्या परिस्थिति पर उनके तार्किक तथा सुसम्बद्ध विचार तथा इसके प्रभाव समम्मिलित होने चाहिए।"


जनसंख्या शिक्षा की आवश्यकता:- 

 1:-  अपने प्रजनन व्यवहार के बारे में उत्तरदायित्व पूर्ण ढंग से           निर्णय लेना ।

 2:-  मानव जाति के अस्तित्व को सुनिश्चित करना ।

 3:-  आधुनिक जीवन में निराशा से बचना ।

 4:-  आवास, जल वितरण, स्वच्छता तथा खनिज संसाधनों की         कमी से बचना ।

 5:-  राष्ट्रीय प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम को सफलतापूर्वक क्रियान्वित          करना ।

 6:-  सभी बच्चों को अनिवार्य निशुल्क शिक्षा प्रदान करना               उन्नत मानव जीवन को सुनिश्चित करना ।

 7:- आधुनिक सामाजिक की जटिल हो रही समस्याओं का             प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए युवकों व युवतियों को         तैयार करना।
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