गुरु गोविंद सिंह जयंती क्यो मनाते हैं आइये जानते हैं
गुरु गोविंद सिंह का जन्म इस श्लोक के माध्यम से आप समझ सकते हैं।
सवा लाख से एक लड़ाऊँ
चिड़ियो सौ मैं बाज तड़ऊँ
तबे गोविंद सिंह नाम कहाऊ
गुरु गोविंद सिंह के पिता गुरु तेगबहादुर सिक्ख के नौवे गुरु थे। वे इस्लाम में बदलने से इंकार करने के लिये मारे गए थे इसलिए तेगबहादुर को धार्मिक स्वतन्त्रता के लिए शहीद माना जाता हैं। इनकी मृत्यु के बाद गुरु गोविंद सिंह को कम उम्र में ही सिक्खों का दशवा गुरु बनाया गया था। उन्होंने योद्धायो अपने सेना बनाई और अपने लोगो को अन्य शाशको द्वारा पीड़ित होने से बचाने के लिये लड़ते थे।
गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन परिचय-
गुरु गोविंद सिंह एक महान वीर,सैन्य कौशल में निपुण और आदर्श ब्यक्तित्व वाले शख्स के रूप में इतिहास हमेशा गुरुगोविंद सिंह जी को याद रखेगा। गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना में 22 दिसम्बर 1666 को हुआ था। माता गुजरी जी तथा पिता श्री गुरु तेगबहादुर जी थे। कश्मीरी पंडितो के लिये संघर्ष करते हुए जब पिता गुरु तेगबहादुर जी शहीद हो गए तब इन्हें अगला गुरु बनाया गया। इनकी मृत्यु 7 अक्तूबर 1808 को हुई थी।
कुछ और यादे-
सन 1699 में उन्होंने खालसा का निर्माण मुगल शासको के खिलाफ लड़ने के लिए किया उन्होंने सिख गुरुओ के सभी उपदेशो को गुरु ग्रंथ साही में संग्रहीत किया सिक्खों के नाम के आगे सिंह लगाने का परम्परा उन्होंने ही शुरू की थी।


