लव शायरी हिंदी में
खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी ना सोचा कैसे गुजरेगी जिंदगी,
बिना सोचे-समझे हर खुशी आपके नाम कर दी।
स्टे-खड़े साहिल पर शाम कर दी,
दिल और दुनिया के नाम कर दी, अपना
ये भी कैसे संक्रमित,
सोचे-समझे हर आपके नाम कर दी।
घायल कर के मुझे उसे पूछे,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर
होंथों ने कहा बेंथा-बेंथा।
अस्ताना कर के हर,
कर फिर चाहे,
लहु-लेहू था दिल मगर
कानों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।
खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी ना सोचा कैसे गुजरेगी जिंदगी,
बिना सोचे-समझे हर खुशी आपके नाम कर दी।
स्टे-खड़े साहिल पर शाम कर दी,
दिल और दुनिया के नाम कर दी, अपना
ये भी कैसे संक्रमित,
सोचे-समझे हर आपके नाम कर दी।
खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी ना सोचा कैसे गुजरेगी जिंदगी,
बिना सोचे-समझे हर खुशी आपके नाम कर दी।
स्टे-खड़े साहिल पर शाम कर दी,
दिल और दुनिया के नाम कर दी, अपना
ये भी कैसे संक्रमित,
सोचे-समझे हर आपके नाम कर दी।
मैने हर एक सांस अपनी तुम्हारे नाम कर दी,
लोगो में ये जिंदगी बदनाम कर दी,
अब ये आया भी किस काम का मेरे,
मैने तो अपनी परचाई भी तुम्हारे नाम कर दी।
हर एक अपने नाम कर दी,
लोगो में ये नामुमकिन कर दी,
अब ये आईना भी काम का मेरे,
अपनी परछाई भी आपके नाम कर दी।
आरज़ू वास्ल की रक्तति है परशान क्या,
क्या बातो के मेरे दिल में हैं अरमान क्या क्या,
गम अज़ीजोन का हसीनों की जुदाई देखी,
देखें दिखलाए अभी गर्दिश-ए-दौरान क्या क्या।
~ अख्तर शायरानी
आर.सी.
क्या कमरे कि मेरे दिल में हैं अरमाँ क्या,
गम अज़ीज़ों की हसीज़ों की जांच,
अफलाए अभी गर्दिश-ए-दौराँ।

